Friday, 13 January 2012

नेता





मैं नेता हूँ, मैं नेता हूँ, मैं खून तुम्हारा पीता हूँ...
नहीं चाहिए रोटी-दाल, मैं खाकर नोट जीता हूँ.
न डालोगे वोट मुझे तो, फिर किसको तुम डालोगे?
और किसी को जो डाला तो, हड्डी भी चबवालोगे...
ओ बेचारे भारत के बच्चे! बच कर कहाँ तू जायेगा?
एनाकोंडा से बच गया तो, डायनासोर तुझे खायेगा...
अबे बेवकूफ आम आदमी, मुझ को तू अपनाले...
थोडा खून मुझे पिला कर, अपनी जान बचाले...
थोडा खून मुझे पिला कर, अपनी जान बचाले...



आपका शुभचिंतक...
एक भारतीय नेता...




नोट: कृपया आपना कीमती वोट मुझे देकर अपनी जान बचाएँ.

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