Friday, 13 January 2012

दिल...




दिल बोला आँखों से: मेरा क्या कसूर है? देखती हो तुम, तडपना मुझ को पड़ता है...

आखों बोली: साले! नासमझ बेचारे! मोहब्बत कर कम, बरसना हम को पड़ता है..

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